हे माँ!
धन्य हुआ तेरा जीवन,कोटि-कोटि तुझे हे नमन
पाया तुमने सफल जीवन,कृपा का किया अभिनंदन
एक छोटी सी थी आशा ,देख पाने की तुझे थी "लालसा"
परम गुरु का प्रतिबिब्म मैं ,कभी देख पाती तेरे चेहरे में
बह जाऊँ कभी कृपा की धारा में,दर्शन देना मेरे ह्रदय हे आँगन में ........
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